City

नारायण सेवा संस्थान से मुंबई में 104 दिव्यांगजनों को निःशुल्क 154 कृत्रिम अंग की प्राप्ति

Image default
Spread the love

नारायण सेवा संस्थान से मुंबई में 104 दिव्यांगजनों को निःशुल्क 154 कृत्रिम अंग की प्राप्ति

मुंबई। दिव्यांगजनों के पुनर्वास, स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए समर्पित भारत की अग्रणी संस्थाओं में से एक, नारायण सेवा संस्थान ने 14 जून को मुंबई के वडाला स्थित निको हॉल में ‘निःशुल्क नारायण कृत्रिम अंग एवं कैलीपर्स वितरण शिविर’ का आयोजन किया।
इस शिविर में 104 दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकतानुसार 154 कृत्रिम अंगों (अपर-लिम्ब, लोअर-लिम्ब और मल्टीपल-लिम्ब प्रोस्थेसिस) का निःशुल्क वितरण किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाराष्ट्र के कौशल एवं उद्यमिता विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा रहे, जो अपनी धर्मपत्नी समाजसेविका मंजू लोढ़ा के साथ सम्मिलित हुए। विशिष्ट अतिथियों में कैंप सहयोगी राधा कृष्ण चैरिटेबल फाउंडेशन (यूएसए), जयश्री भाटिया, समाजसेवी नीति गोयल, संरक्षक सत्य भूषण जैन (मुंबई) और शाखा अध्यक्ष महेश अग्रवाल उपस्थित थे। शिविर में ट्रस्टी एवं निदेशक देवेन्द्र चौबीसा भी उपस्थित थे। वहीं विदेश विभाग प्रभारी रविश कावड़िया ने आभार व्यक्त किया।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों को निःशुल्क स्क्रीनिंग, आकलन और कृत्रिम अंगों की आवश्यकताओं की पहचान के माध्यम से व्यापक पुनर्वास सहायता प्रदान करना था। लाभार्थियों के लिए जापानी और जर्मन तकनीक से विकसित अत्याधुनिक 3D प्रिंटिंग प्रोस्थेटिक समाधानों का उपयोग किया गया, जो पहनने में आरामदायक और सटीक फिटिंग सुनिश्चित करते हैं।
मुख्य अतिथि मंगल प्रभात लोढ़ा ने संस्थान के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, “लाभार्थियों को आत्मनिर्भरता की ओर अपना पहला कदम बढ़ाते देखना हमें प्रेरणा देता है कि हम अपने प्रयासों का विस्तार करें और देश भर के अधिक से अधिक समुदायों तक पहुँचें।” उन्होंने दिव्यांगजनों के लिए महाराष्ट्र और पूरे भारत में नारायण सेवा संस्थान द्वारा दी जा रही सुविधाओं की प्रशंसा की।
संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने कहा, “नारायण सेवा संस्थान में हमारा मानना है कि प्रत्येक व्यक्ति गरिमा और आत्मविश्वास के साथ जीने का हकदार है। एक कृत्रिम अंग केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि गतिशीलता, आत्मनिर्भरता और नई आशा का प्रतीक है। हम दिव्यांगजनों को सक्षम बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
संस्थान ने मई माह में मुंबई में दिव्यांगजनों के लिए एक मापन शिविर भी आयोजित किया था। इसके अतिरिक्त, हाल ही में दिल्ली में संस्थान ने अपना 46वां ‘दिव्यांग सामूहिक विवाह समारोह’ आयोजित किया, जिसमें 21 दिव्यांग जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ।
विदित हो कि संस्थान के संस्थापक कैलाश मानव अग्रवाल को सामाजिक सेवा में योगदान के लिए वर्ष 2008 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल द्वारा ‘पद्म श्री’ से सम्मानित किया गया था। इस विरासत को आगे बढ़ाते हुए, संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल को वर्ष 2023 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा दिव्यांगजन सशक्तिकरण के लिए ‘राष्ट्रीय पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।
अब तक संस्थान 39,591 से अधिक दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग और 4,52,000 से अधिक लाभार्थियों को निःशुल्क चिकित्सा प्रदान कर चुका है।

Related posts

“एहसास” संजय सहानी और डॉ. संजीदा खानम की कला प्रेमियों के लिए एक विशेष अवसर

hindustanprahari

The Classic ‘Jeans & A Nice Top’ Look Is Making A Comeback

hindustanprahari

परिवहन विभाग ने ऑटो रिक्षा पासिंग पर लगाया प्रतिदिन 50 रू का फाईन

hindustanprahari

Leave a Comment