Entertainment

मैं केवल वही प्रोजेक्ट चुनती हूं, जो मुझे रचनात्मक संतुष्टि दे : डॉ. मृणाल देशराज

Image default
Spread the love

मानद डॉक्टरेट और ‘अशोका अवॉर्ड’ से सम्मानित डॉ. मृणाल देशराज बोलीं— ‘इश्कबाज़’ आज भी मेरे लिए एक परिवार है, सिर्फ एक शो नहीं

मुंबई। भारतीय टेलीविजन की चर्चित और दमदार अभिनेत्रियों में शुमार डॉ. मृणाल देशराज अपने शानदार अभिनय और यादगार किरदारों के लिए जानी जाती हैं। हाल ही में उन्हें अभिनय कला में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘अशोका अवॉर्ड फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स’ से सम्मानित किया गया। इसके अलावा, उन्हें अमेरिका के मैरीलैंड विश्वविद्यालय द्वारा मानद डॉक्टरेट (Honorary Doctorate) उपाधि भी प्रदान की गई है। वर्षों की मेहनत, अभिनय के प्रति समर्पण और कला के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान का यह सम्मान उनके सफल सफर की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसी बीच, लोकप्रिय टेलीविजन शो ‘इश्कबाज़’ के 10 वर्ष पूरे होने पर डॉ. मृणाल देशराज ने शो से जुड़ी यादों, अपने सह-कलाकारों के साथ बने रिश्तों और टेलीविजन इंडस्ट्री में आए बदलावों पर खुलकर बात की।

डॉ. मृणाल देशराज ने कहा, “स्क्रिप्ट वर्षों पहले खत्म हो गई, लेकिन हमारे रिश्तों की कहानी आज भी जारी है। हमने सिर्फ एक शो नहीं बनाया, बल्कि एक परिवार बनाया। हम एक-दूसरे की शादियों में शामिल हुए, जीवन के हर महत्वपूर्ण पड़ाव पर साथ खड़े रहे और आज भी उसी आत्मीयता के साथ जुड़े हुए हैं। हमारे निर्देशक भी आज तक इस परिवार का हिस्सा हैं। यह रिश्ता मेरे लिए किसी भी उपलब्धि से कम नहीं है।”

‘इश्कबाज़’ में डॉ. मृणाल देशराज ने एक ऐसा नकारात्मक किरदार निभाया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। हालांकि, वह बताती हैं कि पर्दे पर उनका किरदार जितना तीखा था, कैमरे के पीछे माहौल उतना ही आत्मीय और अपनापन भरा था। “यह एक दिलचस्प अनुभव था कि स्क्रीन पर मेरा किरदार टकराव और ड्रामा का केंद्र था, जबकि वास्तविक जीवन में हम सभी एक-दूसरे का सबसे बड़ा सहारा थे। हमने साथ मिलकर अभिनय सीखा, जीवन के अनुभव साझा किए और एक-दूसरे के साथ आगे बढ़े।”

पुराने दिनों को याद करते हुए वह कहती हैं, “लंबे शूटिंग शेड्यूल, लगातार काम और चुनौतियों के बावजूद हमने कभी एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा। हमने सिर्फ एक धारावाहिक की शूटिंग नहीं की, बल्कि जिंदगी के अनगिनत खूबसूरत पल भी साथ जिए। शो समाप्त हो गया, लेकिन हमारी दोस्ती और अपनापन आज भी पहले जैसा ही है। यही ‘इश्कबाज़’ की सबसे बड़ी विरासत है।”

टेलीविजन इंडस्ट्री में आए बदलावों पर अपनी राय रखते हुए डॉ. मृणाल देशराज ने कहा कि आज कंटेंट निर्माण की चुनौतियां पहले से अलग हैं। “पहले जिस स्तर की भव्य और विस्तृत कहानियां देखने को मिलती थीं, आज बजट की सीमाओं के कारण वैसा करना आसान नहीं है। केवल टेलीविजन ही नहीं, बल्कि लगभग सभी प्लेटफॉर्म्स पर बदलाव आया है। ऐसे समय में मजबूत कहानी, सही कलाकार और ईमानदार अभिनय ही किसी प्रोजेक्ट को खास बनाते हैं। मुझे विश्वास है कि अच्छी कहानियां हमेशा दर्शकों के दिलों तक पहुंचती रहेंगी।”

अपने वर्तमान करियर के बारे में डॉ. मृणाल देशराज कहती हैं कि अब उनके लिए काम की गुणवत्ता सबसे अधिक मायने रखती है। “आज मैं अपने करियर के उस दौर में हूं, जहां मैं केवल वही प्रोजेक्ट चुनती हूं, जो मुझे रचनात्मक संतुष्टि दे। हाल ही में मिला ‘अशोका अवॉर्ड फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स’ और अमेरिका के मैरीलैंड विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान की गई मानद डॉक्टरेट मेरे लिए बेहद सम्मानजनक उपलब्धियां हैं। ये सम्मान मेरे अब तक के अभिनय सफर, वर्षों की मेहनत और दर्शकों के प्यार की स्वीकृति हैं। ऐसे सम्मान मुझे आगे भी नई चुनौतियां स्वीकार करने और बेहतर अभिनय करने के लिए प्रेरित करते हैं।”

‘इश्कबाज़’ के 10 वर्ष पूरे होने का यह अवसर डॉ. मृणाल देशराज के लिए केवल एक सफल धारावाहिक का उत्सव नहीं, बल्कि उन रिश्तों, अनुभवों और यादों का उत्सव भी है, जिन्होंने उनके अभिनय सफर को हमेशा के लिए यादगार बना दिया।

Related posts

सपनों को पूरा करने के लिए निरंतर परिश्रम, अनुशासन और धैर्य की आवश्यकता होती है : आयुषी तिवारी

hindustanprahari

प्रियंका मोरे का कहना है – “इंडिपेंडेंट बनो, अपने काम पर फोकस करो और खुद पर विश्वास रखो

hindustanprahari

फिल्म “महायोगी हाईवे वन टू वननेस” के दूरदर्शी निर्माता राजन लूथरा ने नवीन वर्ष 2024 हेतु आपसी एकता के लिए दी शुभकामनाएं

hindustanprahari

Leave a Comment