
मुंबई। मनोरंजन जगत में अपनी प्रतिभा, मेहनत और समर्पण के बल पर तेजी से पहचान बना रहीं अभिनेत्री जूही तिवारी अब अपने करियर के सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव की ओर बढ़ रही हैं। बचपन से ही टेलीविजन धारावाहिकों और विभिन्न सीरीज में अभिनय कर रही जूही ने कम उम्र में ही अपने अनुभव के दम पर अभिनय की बारीकियों को सीखा और लगातार खुद को निखारा है। उनका आत्मविश्वास, सहज अभिनय और सीखने की ललक उन्हें नई पीढ़ी की उभरती हुई प्रतिभाशाली अभिनेत्रियों में शामिल करती है।
अभिनय के साथ-साथ जूही तिवारी मॉडलिंग की दुनिया में भी सक्रिय हैं। वह ज्वेलरी, साड़ी, कॉस्मेटिक्स और अन्य प्रतिष्ठित ब्रांड्स के विज्ञापनों में अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज करा चुकी हैं। इसके अलावा कई म्यूजिक एल्बमों में भी उनके अभिनय को सराहा गया है। कैमरे के सामने उनकी सहज अभिव्यक्ति और स्क्रीन प्रेजेंस उन्हें लगातार नए अवसर दिला रही है।
अब जूही तिवारी अपनी पहली हिंदी फीचर फिल्म के माध्यम से बड़े पर्दे पर कदम रखने जा रही हैं। इन दिनों फिल्म की शूटिंग उत्तराखंड के खूबसूरत शहर देहरादून की मनमोहक वादियों में चल रही है। फिल्म के आगामी वर्ष रिलीज़ होने की संभावना है। जूही को इस फिल्म से काफी उम्मीदें हैं और उन्हें विश्वास है कि यह फिल्म उनके अभिनय सफर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।
जूही तिवारी की नजर केवल बॉलीवुड तक ही सीमित नहीं है। वह दक्षिण भारतीय फिल्मों और मजबूत कहानी वाली वेब सीरीज में भी काम करना चाहती हैं। उनका मानना है कि एक कलाकार की असली पहचान उसके किरदारों से बनती है, इसलिए वह ऐसे प्रोजेक्ट्स का इंतजार कर रही हैं जिनमें अभिनय की पूरी क्षमता दिखाने का अवसर मिले।
जूही बताती हैं कि बचपन से उन्हें अभिनेता वरुण धवन की फिल्में बेहद पसंद रही हैं। वर्तमान में वह कपिल शर्मा की कॉमिक टाइमिंग और अभिनय की प्रशंसक हैं। उनकी फिल्म ‘किस किसको प्यार करूं’ उन्हें विशेष रूप से पसंद है। वहीं अभिनेत्री माधुरी दीक्षित का शानदार नृत्य और भावपूर्ण प्रस्तुति उन्हें हमेशा प्रेरित करती है।
जूही का कहना है कि गायक और अभिनेता सोनू निगम अभिनीत फिल्म ‘काश आप हमारे होते’ का अंतिम भावनात्मक बिछड़ने वाला दृश्य उन्हें आज भी गहराई से प्रभावित करता है। उनके अनुसार उस दृश्य में प्रेम, विरह और दर्द की भावनाओं को जिस संवेदनशीलता से फिल्माया गया है, वह दर्शकों के दिल को छू लेता है। वह भविष्य में अवसर मिलने पर उसी तरह के भावपूर्ण दृश्य को अपने अभिनय से पर्दे पर जीवंत करना चाहती हैं।
जूही तिवारी का मानना है कि जीवन में कभी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। वह कहती हैं कि सफलता और पहचान पाने के लिए उम्र नहीं, बल्कि मेहनत, लगन, अनुशासन और जुनून मायने रखते हैं। यदि व्यक्ति अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार रहे और निरंतर प्रयास करता रहे तो सफलता अवश्य मिलती है।
जूही कहती हैं, “सबसे पहले स्वयं पर विश्वास रखें। आत्मनिर्भर बनें और हर निर्णय अपने विवेक और बुद्धिमत्ता से लें। किसी भी परिस्थिति से घबराने के बजाय उसे समझदारी और धैर्य के साथ संभालना सीखें। हर चुनौती हमें कुछ नया सिखाती है और आगे बढ़ने का रास्ता दिखाती है।”
अपनी प्रतिभा, सकारात्मक सोच और अभिनय के प्रति समर्पण के साथ जूही तिवारी लगातार आगे बढ़ रही हैं। उनकी पहली हिंदी फीचर फिल्म का दर्शकों को बेसब्री से इंतजार है। आने वाले समय में वह बड़े पर्दे, दक्षिण भारतीय फिल्मों और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अपने दमदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीतने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

