City Uncategorized

नोएडा में ईपीएफओ की कार्यशाला, छूट प्राप्त प्रतिष्ठानों को नए नियमों की दी जानकारी

Image default
Spread the love

मुंबई/नोएडा, 1 अगस्त। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के क्षेत्रीय कार्यालय, नोएडा द्वारा छूट प्राप्त (एक्जेम्प्टेड) प्रतिष्ठानों के लिए एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। 31 जुलाई को सेक्टर-27 स्थित आईटीसी फॉर्च्यून में आयोजित इस कार्यशाला में सामाजिक सुरक्षा संहिता-2020, ईपीएफ स्कीम-2026, एमनेस्टी स्कीम-2026, निवेश प्रबंधन तथा अनुपालन संबंधी प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में नोएडा, आगरा, मेरठ, बरेली और ग्रेटर नोएडा के प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-1, नोएडा सुयश पांडे ने स्वागत भाषण में कहा कि बदलते श्रम कानूनों और डिजिटल प्रशासन के दौर में उद्योगों एवं ईपीएफओ के बीच निरंतर संवाद और समयबद्ध अनुपालन बेहद आवश्यक है।

मुख्य प्रस्तुति देते हुए क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-1 (उत्तर प्रदेश क्षेत्र) पवन कुमार सिंह ने सामाजिक सुरक्षा संहिता-2020 एवं ईपीएफ स्कीम-2026 के तहत प्रस्तावित छूट प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के तहत छूट और उसके नवीनीकरण की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाया गया है। प्रारंभिक छूट तीन वर्ष के लिए प्रभावी होगी तथा निर्धारित शर्तों के आधार पर उसका नवीनीकरण किया जा सकेगा। उन्होंने डिजिटल रिकॉर्ड, ऑनलाइन रिपोर्टिंग, वैधानिक ऑडिट तथा सदस्यों की भविष्य निधि राशि के सुरक्षित हस्तांतरण से जुड़े प्रावधानों की भी जानकारी दी।

उन्होंने एमनेस्टी स्कीम-2026 को पात्र ट्रस्टों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए कहा कि इसके तहत औपचारिक छूट अधिसूचना नहीं रखने वाले मान्यता प्राप्त पीएफ ट्रस्ट छह माह के भीतर पूर्वव्यापी नियमितीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं।

केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) के सदस्य विनीत नाहटा ने छूट प्राप्त पीएफ ट्रस्टों के निवेश प्रबंधन पर विशेष सत्र लिया। उन्होंने पूंजी सुरक्षा, निवेश पोर्टफोलियो के संतुलित विविधीकरण तथा सरकारी प्रतिभूतियों, सॉवरेन ग्रीन बॉण्ड्स सहित अनुमत निवेश साधनों के विवेकपूर्ण उपयोग पर जोर दिया।

सीबीटी सदस्य आशीष मोहन विग ने ट्रस्ट प्रशासन और अनुपालन व्यवस्था को मजबूत बनाने की आवश्यकता बताई। वहीं अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त (उत्तर प्रदेश जोन) उदय बख्शी ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा संहिता-2020 और ईपीएफ स्कीम-2026 के प्रस्तावित प्रावधान अनुपालन प्रणाली को अधिक सरल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाएंगे।

कार्यशाला में संवादात्मक सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें वरिष्ठ ईपीएफओ अधिकारियों ने प्रतिभागियों के प्रश्नों के उत्तर दिए। इस दौरान एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया गया तथा अतिथियों एवं प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

समापन अवसर पर क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-2 कुमार राघवेंद्र ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कार्यशाला प्रतिष्ठानों को नए कानूनी और प्रक्रियागत बदलावों को समझने तथा अपनी अनुपालन व्यवस्था को मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध होगी। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान, मीडिया संवाद और सामूहिक भोजन के साथ हुआ।

Related posts

मुंबई ने एसबीआई ग्रीन मैराथन सीजन 6 के साथ हरित भविष्य की ओर बढ़ाया कदम

hindustanprahari

डॉ. दिलीप मिश्रा को रामनाथ कोविंद ने किया ‘भारतरत्न डॉ. अंबेडकर अवार्ड’ से सम्मानित

hindustanprahari

डॉ. महेश गौड़ को महाराष्ट्र रत्न सम्मान — भारत में शिक्षा के भविष्य को नई दिशा देने का संकल्प

hindustanprahari

Leave a Comment