
मुंबई, 5 जून 2026:
विश्व पर्यावरण दिवस प्रत्येक वर्ष 5 जून को पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा सामूहिक कार्रवाई को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। इसी अवसर पर मुंबई रेलवे विकास निगम (एमआरवीसी) ने पनवेल के करंजाडे क्षेत्र में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित कर पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित किया।
इस कार्यक्रम का नेतृत्व एमआरवीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) विलास एस. वाडेकर ने किया। उनके साथ निदेशक (तकनीकी) मनीष प्रधान, निदेशक (वित्त) अभिषेक स्वामी, निदेशक (परियोजना) हरिशंकर चतुर्वेदी, मुख्य सतर्कता अधिकारी अविनाश तरहवाडकर, विभिन्न विभागों के प्रमुख एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वन विभाग की ओर से सहायक वन संरक्षक मोनाल राव, शैला मुसमाडे, वन क्षेत्र अधिकारी जाधव सहित अन्य अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। इसके अलावा महात्मा फुले कला, विज्ञान एवं वाणिज्य महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गणेश ठाकुर, शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत में सीएम/ब्रिज बी.के. कुशवाहा ने अतिथियों का स्वागत किया तथा वृक्षारोपण परियोजना की जानकारी दी।
अपने संबोधन में सीएमडी विलास एस. वाडेकर ने कहा कि एमआरवीसी जहां एक ओर उपनगरीय रेलवे अवसंरचना परियोजनाओं के माध्यम से रेलवे क्षमता और यात्री सुविधाओं को बढ़ाने का कार्य कर रहा है, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को भी समान महत्व दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि बोरीवली-विरार पांचवीं एवं छठी रेल लाइन परियोजना के निर्माण कार्य हेतु 349 पेड़ों को हटाने की अनुमति प्राप्त हुई थी। इसके प्रतिपूरक उपाय के रूप में एमआरवीसी ने वन विभाग के माध्यम से 10,260 नए पेड़ों का रोपण करने की पहल की है, जिससे व्यापक स्तर पर हरित क्षेत्र का विकास और पारिस्थितिक संतुलन को बढ़ावा मिलेगा।
वाडेकर ने यह भी बताया कि इन पौधों के संरक्षण एवं रखरखाव की जिम्मेदारी अगले सात वर्षों के लिए सहायक वन संरक्षक के माध्यम से सुनिश्चित की गई है, ताकि वृक्षों का दीर्घकालिक संरक्षण और विकास संभव हो सके।
उन्होंने कहा कि पेड़ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने, वायु गुणवत्ता सुधारने, प्रदूषण कम करने, जैव विविधता के संरक्षण, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ वातावरण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं।
कार्यक्रम के दौरान सभी गणमान्य अतिथियों ने पौधारोपण किया। साथ ही श्री वाडेकर ने उपस्थित सभी लोगों को पर्यावरण दिवस की शपथ दिलाई, जिसमें प्रकृति संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन और हरित भविष्य के निर्माण का संकल्प लिया गया।
एमआरवीसी ने दोहराया कि वह अपनी सभी अवसंरचना परियोजनाओं में पर्यावरणीय पहलुओं को प्राथमिकता देते हुए स्वच्छ, हरित और सतत मुंबई महानगर क्षेत्र के निर्माण हेतु निरंतर कार्य करता रहेगा।


