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सेंट्रल रेलवे ने मुंबई उपनगरीय लोकल ट्रेनों में सुरक्षित संचालन के लिए SILAS प्रणाली को किया उन्नत

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मुंबई, 10 मई 2026 — सेंट्रल रेलवे ने मुंबई उपनगरीय नेटवर्क पर लोकल ट्रेनों के सुरक्षित संचालन को और मजबूत बनाने के लिए ईएमयू ट्रेनों में स्थापित सिग्नल लोकेशन अनाउंसमेंट सिस्टम (SILAS) को उन्नत किया है। यह प्रणाली सभी ईएमयू ट्रेनों के ड्राइविंग कैब में अपग्रेड की जा रही है, जिससे मोटरमैन को त्रुटिरहित ट्रेन संचालन में सहायता मिलेगी।

मुंबई उपनगरीय रेल नेटवर्क दुनिया के सबसे व्यस्त रेल नेटवर्कों में से एक है, जहां प्रतिदिन 2,300 से अधिक ट्रेनें संचालित होती हैं। इस नेटवर्क में स्वचालित सिग्नलिंग प्रणाली लागू है और अधिकांश सिग्नलों के बीच की दूरी केवल 400 से 500 मीटर है। इसके अलावा लगभग 400 सिग्नल दाहिनी, अत्यंत दाहिनी, बाईं और अत्यंत बाईं ओर स्थित हैं। ऐसी परिस्थितियों में मोटरमैन को अत्यधिक दबाव में काम करना पड़ता है, जिससे मानवीय त्रुटि की संभावना बनी रहती है।

क्या है SILAS और कैसे करता है काम

SILAS एक जीपीएस आधारित प्रणाली है, जो ट्रेन की वास्तविक लोकेशन के आधार पर आने वाले सिग्नल का नंबर और उसकी स्थिति — बाईं, अत्यंत बाईं, दाहिनी या अत्यंत दाहिनी — ऑडियो के माध्यम से मोटरमैन को बताती है। यह प्रणाली वर्तमान में मुंबई मंडल की सभी ईएमयू ट्रेनों में उन्नत की जा रही है।

प्रमुख विशेषताएं

सिग्नल के निकट पहुंचने से 350 मीटर और 250 मीटर पहले सिग्नल नंबर और उसकी स्थिति की ऑडियो घोषणा की जाती है।

यदि ट्रेन पीले सिग्नल को पार करती है, तो यह प्रणाली लगातार “सावधान, अगला सिग्नल लाल है” का संदेश देती रहती है, जब तक अगला हरा या डबल पीला सिग्नल नहीं आ जाता।

प्रत्येक रूट के सभी सिग्नलों की ऑडियो रिकॉर्डिंग, जीपीएस निर्देशांक और स्थान पहले से सिस्टम में लोड रहते हैं। यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेन मैनेजर संबंधित लाइन — डाउन लोकल (स्लो), अप लोकल, डाउन थ्रू (फास्ट), अप थ्रू आदि — का चयन करता है।

यात्रा के दौरान चयनित मार्ग के अनुसार अगला स्टेशन आने से 500 मीटर और 250 मीटर पहले घोषणा की जाती है, जैसे “अगला ठहराव: ठाणे”। यह सुविधा फिलहाल परीक्षण चरण में है और परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर इसमें बदलाव संभव है।

सुरक्षा और संचालन में लाभ

यह प्रणाली मोटरमैन को सिग्नल और अगले स्टेशन की वास्तविक समय में ऑडियो जानकारी देकर सुरक्षित संचालन में मदद करती है।

इसके माध्यम से पीले सिग्नल, प्लेटफॉर्म प्रवेश, स्थायी गति प्रतिबंध (PSR) और न्यूट्रल सेक्शन जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर ट्रेन की तत्काल गति का विश्लेषण भी किया जाता है। इस डेटा का उपयोग मोटरमैन की काउंसलिंग और ड्राइविंग कौशल सुधारने के लिए किया जाएगा।

इसके अलावा, SILAS ईएमयू ट्रेनों की वास्तविक समय में लोकेशन और गति की निगरानी भी संभव बनाता है, जिससे परिचालन नियंत्रण और अधिक प्रभावी होगा।

मुंबई उपनगरीय नेटवर्क में मोटरमैन अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अकेले जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे में उन्नत SILAS प्रणाली एक “इलेक्ट्रॉनिक सह-पायलट” की तरह काम करेगी, जिससे तनाव कम होगा और किसी भी सिग्नल के छूटने की संभावना घटेगी।

सेंट्रल रेलवे के अनुसार, यह पहल उपनगरीय सेवाओं में “जीरो एसपीएडी” (Signal Passed At Danger) के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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