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गति शक्ति विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में 121 छात्रों को मिली डिग्रियां

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गति शक्ति विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में 121 छात्रों को मिली डिग्रियां

‘मेट्रो मैन’ ई. श्रीधरन को पहली मानद पीएचडी, नागरिक उड्डयन मंत्री ने दिया ‘गति, संवेग और मिशन’ का मंत्र

वडोदरा, 17 जुलाई। रेल मंत्रालय के अधीन केंद्रीय विश्वविद्यालय गति शक्ति विश्वविद्यालय (जीएसवी) का चौथा दीक्षांत समारोह गुरुवार को गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह में 121 विद्यार्थियों को बी.टेक. और एमबीए कार्यक्रमों की डिग्रियां प्रदान की गईं। इस वर्ष पहली बार विश्वविद्यालय ने एमबीए (मेट्रो रेल प्रबंधन) के विद्यार्थियों को भी डिग्री प्रदान की।

समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए विकसित भारत के निर्माण के लिए ‘तीन एम’—गति, संवेग और मिशन को सफलता का मूल मंत्र बताया। उन्होंने कहा कि आज भारत परिवहन और विमानन क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल) क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं पर विशेष जोर देते हुए विश्वविद्यालय के उद्योग-आधारित शिक्षा मॉडल की सराहना की।

समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण देश के ‘मेट्रो मैन’ डॉ. ई. श्रीधरन को परिवहन और अवसंरचना क्षेत्र में उनके ऐतिहासिक योगदान के लिए मानद पीएचडी (Honorary Doctorate) से सम्मानित किया जाना रहा। यह विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान की गई पहली मानद डॉक्टरेट उपाधि है।

सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. ई. श्रीधरन ने विद्यार्थियों से कहा कि सफलता केवल डिग्री से नहीं बल्कि ईमानदारी, अनुशासन, समय की पाबंदी और निरंतर सीखने की भावना से मिलती है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

वडोदरा के सांसद डॉ. हेमांग जोशी ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि जिस दिन देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ हुआ, उसी दिन जीएसवी के विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय के 100 प्रतिशत प्लेसमेंट रिकॉर्ड की सराहना करते हुए विद्यार्थियों से इस उपलब्धि को नई शुरुआत मानकर आगे बढ़ने का संदेश दिया।

बड़ौदा की राजमाता महामहिम शुभांगिनीराजे गायकवाड़ ने छात्रों को नैतिक मूल्यों और पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील रहने की सलाह दी। वहीं टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड के सीईओ एवं निदेशक सुकरण सिंह ने युवाओं को नवाचार, गुणवत्ता और तकनीकी उत्कृष्टता के साथ देश के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

अकादमिक उत्कृष्टता के लिए विवेक यादव, संदीप पटेल, अभिनंदन गुप्ता, ऋषभ त्रिपाठी तथा सुरेश सेंगुंदरमुदलियार को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। दुर्गेश कुमार और संदीप पटेल को वर्ष 2026 का उत्कृष्ट परियोजना पुरस्कार मिला, जबकि विवेक कुमार को सर्वश्रेष्ठ स्नातक छात्र घोषित किया गया।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज चौधरी ने वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि जीएसवी राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप उद्योग-संचालित और नवाचार-आधारित शिक्षा प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के लिए क्षमता निर्माण की केंद्रीय नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करते हुए अब तक 24 लाख से अधिक अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दे चुका है।

गौरतलब है कि 6 दिसंबर 2022 को संसद के अधिनियम द्वारा स्थापित गति शक्ति विश्वविद्यालय वर्तमान में रेल, विमानन, समुद्री, लॉजिस्टिक्स, मेट्रो रेल, बंदरगाह एवं सड़क अवसंरचना सहित परिवहन क्षेत्र के विभिन्न विषयों में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोध कार्यक्रम संचालित कर रहा है। उद्योगों के साथ साझेदारी, अनुभवात्मक शिक्षा और रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों के माध्यम से विश्वविद्यालय देश के परिवहन एवं अवसंरचना क्षेत्र के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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