
वसई-विरार: वसई-विरार शहर महानगरपालिका के प्रशासनिक कार्यों में सुव्यवस्था लाने और विभिन्न विकास परियोजनाओं को गति देने के नाम पर आयुक्त स्तर से कनिष्ठ अभियंताओं के आंतरिक तबादलों के आदेश हाल ही में जारी किए गए हैं।
इस तबादला प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय ठेका अभियंता अंकित गणेश मिश्रा की बुलेट ट्रेन परियोजना के कार्य हेतु की गई विशेष नियुक्ति है।
मई 2025 में प्रवर्तन निदेशालय (E.D.) द्वारा तत्कालीन उपसंचालक, नगररचना पर की गई छापेमारी के बाद, अंकित मिश्रा का नगररचना विभाग से 28/05/2025 को तबादला कर सार्वजनिक निर्माण विभाग में नियुक्त किया गया था।
अंकित मिश्रा का पालिका में कार्यकाल हमेशा विवादों में रहा है। प्रवर्तन निदेशालय (E.D.) द्वारा दायर आरोपपत्र में अंकित गणेश मिश्रा के बयान को भी संलग्न किया गया है। इस बयान में उन्होंने आर्किटेक्ट और बिल्डरों से रिश्वत लेना, तत्कालीन आयुक्त और उपसंचालक, नगररचना की ओर से करोड़ों रुपये स्वीकार करना तथा उनके निर्देशानुसार उक्त राशि निर्धारित स्थानों पर पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप स्वीकार किए हैं।
बुलेट ट्रेन परियोजना देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में अंकित मिश्रा जैसे कथित भ्रष्ट ठेका अभियंता की नियुक्ति भविष्य में राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता साबित हो सकती है। अतः मांग की जाती है कि अंकित मिश्रा को तत्काल सेवा से बर्खास्त किया जाए। ऐसी तकरार धनंजय गावड़े ने आयुक्त को पत्र लिख कर की।

