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राष्ट्रीय शिक्षा नीति को बढ़ावा देने के लिए पूर्व राष्ट्रपति के हाथों ‘भारत रत्न डॉ. अम्बेडकर अवार्ड’ से सम्मानित हुए डॉ. बिपिन सुले

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मुम्बई। पिछले दिनों बुद्ध पूर्णिमा तथा भारतीय संविधान के निर्माता डॉ भीमराव आंबेडकर की जयंती अवसर पर मुम्बई के षणमुखानंद ऑडिटोरियम में 13वें ‘भारत रत्न डॉ. अम्बेडकर अवार्ड्स 2023’ का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ। जहाँ पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले, अभिनेता प्रेम चोपड़ा, गायक उदित नारायण, अभिनेता राजपाल यादव की विशेष उपस्थिति रही। इस समारोह में गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में शामिल हुए पुणे के विश्वकर्मा विश्वविद्यालय और इंस्टिट्यूट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ बिपिन सुले को मुख्य अतिथि पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने हाथों से अवार्ड प्रदान कर सम्मानित किया।
डॉ बिपिन सुले को यह सम्मान उनके द्वारा किये जा रहे शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान के लिए दिया है।
ज्ञात हो कि डॉ बिपिन सुले एक प्रबंधन और शिक्षा रणनीतिकार हैं। पिछले 28 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में वह कार्यरत है। डॉ सुले वर्तमान में विश्वकर्मा समूह – संस्थान और विश्वविद्यालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के रूप में काम कर रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उनके कार्यों की यात्रा वास्तव में युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।
डॉ बिपिन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कुल अब तक 40 से अधिक पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। डॉ सुले को प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों से मानद डॉक्टरेट और मानद डी लिट भी मिला है।
भारत में हर वर्ग को शिक्षित किया जाये ऐसी शिक्षा प्रणाली में नवीन दृष्टिकोण लाने में डॉ सुले ने अपनी अहम् भूमिका निभाई है।
भारत में नवीनतम राष्ट्रीय शिक्षा नीति, भारत की नवीनतम राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने के लिए, सर्वोत्तम शिक्षा प्रदान करने में माननीय प्रधान मंत्री और भारत में उच्च शिक्षा के वैश्वीकरण, अंतर्राष्ट्रीयकरण को बढ़ावा देने के लिए डॉ सुले ने काफी काम किया है।

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