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सृष्टि फाउंडेशन की ‘स्पंदन’ संगीत संध्या: सुरों के साथ मानवता का उत्सव

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मुंबई : मुंबई की सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधियों में सृष्टि फाउंडेशन अब एक सशक्त पहचान बन चुका है। नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट (एनजीएमए), जहांगीर पब्लिक हॉल में आयोजित ‘स्पंदन’ संगीत संध्या ने न केवल संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध किया, बल्कि इसकी आत्मा – मानवता, समानता और संवेदनशीलता – ने सभी को गहराई से छुआ।

यह आयोजन सृष्टि फाउंडेशन एवं सेंटर फॉर क्रिएटिव एक्सीलेंस द्वारा, संस्कृति मंत्रालय के अधीन एनजीएमए मुंबई में किया गया। कार्यक्रम के विशेष अतिथि के रूप में प्रसिद्ध फिल्म निर्माता बोनी कपूर उपस्थित थे।

विशिष्ट अतिथियों में पद्मश्री उस्ताद अली घनी, ग़ज़ल गायक घनश्याम वासवानी, लेखक-प्रोड्यूसर शुभ्रो शेखर भट्टाचार्जी, संगीतकार ललित सेन, शास्त्रीय गायक दीपक प्रसाद एवं रमेश जूले सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारी और कला-जगत की हस्तियां शामिल रहीं।
कार्यक्रम की शुरुआत अध्यक्ष बिपिन गुप्ता के स्वागत भाषण से हुई
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा – आईआरएस अधिकारी आभा रानी सिंह द्वारा रचित काव्य-संग्रह ‘रात के पहलू में’ के वीडियो एल्बम का लोकार्पण, जिसे बोनी कपूर ने लॉन्च किया। इस एल्बम को डॉ. बिमन सैकिया की भावपूर्ण आवाज़ ने विशेष ऊँचाई दी। वहीं, प्रसिद्ध गायिका सुचेता भट्टाचार्जी की प्रस्तुति “लव – बंदिश – ब्लिस” ने शास्त्रीय और समकालीन संगीत के अनूठे संगम को मंच पर जीवंत कर दिया।

कलाकारों की श्रृंखला में संचिता भट्टाचार्या, फिल्म अभिनेत्री मंजरी फडनिस, बुद्धा एम, नीलव चक्रवर्ती और मुकुल पुरी की प्रस्तुतियों ने सभागार को सुरों से भर दिया। दर्शक देर रात तक संगीत के इस स्पंदन में डूबे रहे। कार्यक्रम की सराहना करते हुए बोनी कपूर ने सृष्टि फाउंडेशन के आगामी आयोजनों में सक्रिय भागीदारी का आश्वासन भी दिया।

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