
विरार टी. (संवाददाता)
पिछले 35 वर्षों से लगातार चल रहा वसई तालुका कला क्रीड़ा महोत्सव राज्य का एकमात्र महोत्सव होना चाहिए। 35वें मोहोत्सव के अवसर पर बनाई गई स्मारिका आने वाली पीढ़ी के लिए एक मार्गदर्शक दस्तावेज है। यह हितेंद्र ठाकुर की दूरदर्शिता के कारण ही संभव हो पाया है। यह बात वरिष्ठ पत्रकार अंबरीश मिश्रा ने वसई तालुका कला क्रीड़ा मोहोत्सव स्मारिका के विमोचन समारोह में कही।
वसई तालुका कला क्रीड़ा महोत्सव के 35वें वर्ष के अवसर पर नरवीर चिमाजी अप्पा मैदान के मंच पर वरिष्ठ पत्रकार अंबरीश मिश्रा और युवा नेता क्षितिज ठाकुर, डिंपल प्रकाशन के अशोक मुले, प्रकाश वनमाली, केवल की उपस्थिति में स्मारिका का विमोचन किया गया। वर्तक.
मकरंद सेव ने स्मारिका में आलेखों पर प्रकाश डालते हुए दिवंगत वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की स्मृति को नमन, 35 वर्षों का अनुभव, कला क्रीड़ा महोत्सव में खिलाड़ियों की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सफलता, कार्य करने वाले स्वयंसेवकों के व्यक्तित्व विकास को शामिल किया है। निस्वार्थ भाव से और बिना वेतन के, उत्सव की तैयारी, मैदान का लेआउट और उनकी माप, सभी प्रतियोगिताओं के रूप और नियम आदि की जानकारी। डिंपल पब्लिकेशन के अशोक मुले ने महोत्सव के इस सफल कैरियर के लिए पूर्व विधायक हितेंद्र ठाकुर और सभी कार्यकर्ताओं को बधाई दी। प्रकाश वनमाली ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

