एमएमआरडीए आयुक्त और महापौर के बीच बैठक
वसई-विरार के विकास कार्यों को मिलेगी गति
20 हजार करोड़ रुपये के विकास कार्यों पर एमएमआरडीए में विस्तृत चर्चा

वसई-विरार: वसई-विरार शहर की तस्वीर बदलने वाले लगभग 20 हजार करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों को अब वास्तविक गति मिलने वाली है। 30 अप्रैल 2026 को मुंबई में (एमएमआरडीए) के आयुक्त और वसई-विरार के महापौर के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक में इन परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस बैठक से शहर की यातायात समस्या कम होने और आधारभूत सुविधाओं के स्तर में सुधार का रास्ता साफ हुआ है।
लोकनेता , पूर्व विधायक तथा विधायक ने इन विकास कार्यों के लिए राज्य सरकार के समक्ष लगातार प्रयास कर इन्हें मंजूरी दिलाई थी। विशेष रूप से, क्षितिज ठाकूर ने 23 अप्रैल को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर लंबित परियोजनाओं की निविदा प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने की मांग की थी, जिस पर प्रशासन ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।
आज की बैठक में , वसई-विरार महानगरपालिका के आयुक्त , पूर्व महापौर , सभागृह नेता , विपक्ष के नेता , नगर अभियंता सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
बैठक के तुरंत बाद महापौर अजीव पाटील और पूर्व महापौर नारायण मानकर ने मंत्रालय में जाकर उपमुख्यमंत्री से मुलाकात की। इस विषय पर चर्चा के बाद उपमुख्यमंत्री ने एमएमआरडीए आयुक्त संजय मुखर्जी से संपर्क कर वसई-विरार के विकास कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
इस सकारात्मक चर्चा से शहर की कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है। विकास आराखड़े में लगभग 36 किलोमीटर लंबी और 40 मीटर चौड़ी रिंग रोड परियोजना शामिल है, जो शहर के चार प्रमुख नगरों और 22 गांवों को आपस में जोड़ेगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की निविदा प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाएगी।
इसके अलावा, भाईंदर से नायगांव के बीच खाड़ी पर एक बड़ा दो-स्तरीय पुल बनाया जाएगा। पुल के ऊपरी स्तर पर मेट्रो तथा निचले स्तर पर वाहनों की आवाजाही होगी। इस पुल के निर्माण से मीरा-भाईंदर और वसई-विरार के बीच यात्रा समय काफी कम हो जाएगा।
साथ ही, वैतरणा खाड़ी पर प्रस्तावित पुल और सागरी महामार्ग के माध्यम से पालघर जिले का पश्चिमी भाग सीधे जुड़ जाएगा, जिससे गुजरात की ओर जाने वाले वाहनों की भीड़ कम करने में मदद मिलेगी।
शहर के भीतर यातायात को सुचारु बनाने के लिए पांच नए रेलवे फ्लाईओवर को मंजूरी दी गई है। इनमें विराट नगर, ओसवाल नगरी, अलकापुरी, उमेळमान के नए पुल तथा वसई रोड के पुराने पुल के स्थान पर नया पुल बनाया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, विरार फाटा से अर्नाळा, नालासोपारा फाटा से नालासोपारा पश्चिम तथा वसई फाटा से गांव तक सात प्रमुख सड़कों का सीमेंट-कंक्रीटीकरण किया जाएगा।
इन परियोजनाओं को लागू करते समय स्थानीय मछुआरों, किसानों और आदिवासी समुदाय के रोजगार पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े तथा पर्यावरण को नुकसान न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा।
करीब 20 हजार करोड़ रुपये के इस निवेश से वसई-विरार के नागरिकों का जीवन अधिक सुविधाजनक होगा और शहर के विकास का एक नया अध्याय शुरू होने की उम्मीद है।

