मेमोरी ट्रेनिंग और सामाजिक योगदान के लिए अटल भारत गौरव सम्मान 2025 से सम्मानित हुए सीए डॉ. महेश गौड़


गुवाहाटी, असम। अवार्ड्स ट्रस्ट ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित समारोह में सीए डॉ. महेश गौड़ को अटल भारत गौरव सम्मान 2025 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनकी मेमोरी ट्रेनिंग और प्रेरक नेतृत्व में उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए दिया गया। लेकिन उनके काम की असली पहचान उन बच्चों में झलकती है जिनकी प्रतिभा अक्सर अनदेखी रह जाती है।
राजस्थान के एक साधारण परिवार से निकलने वाले डॉ. गौड़ ने कठिन परिश्रम और लगन से चार्टर्ड एकाउंटेंट बनकर GST में विशेषज्ञता हासिल की। लेकिन उनका उद्देश्य सिर्फ अपनी सफलता तक सीमित नहीं था। उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही मेमोरी तकनीकों को ऐसे माध्यम में बदला, जो उन छात्रों की मदद कर सके जिनके पास अच्छी शिक्षा पाने के साधन नहीं थे। सालों की मेहनत और समर्पण के परिणामस्वरूप डॉ. गौड़ ने 250 से ज़्यादा बच्चों को बुक विथ पेज नंबर याद करवाकर मेमोरी ट्रेनिंग में तीन विश्व रिकॉर्ड बनाए और पद्मश्री सम्मान अवार्ड, महाराष्ट्र रत्न अवार्ड और राजस्थान प्राइड अवॉर्ड सहित कई राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त किए। लेकिन उनके लिए असली सफलता उन छात्रों में दिखाई देती है जो उस भविष्य की ओर बढ़ते हैं जिसे वे कभी असंभव मानते थे।
मुंबई में उन्होंने वंचित बच्चों को मुफ्त ट्यूशन दिया और उन CA उम्मीदवारों का मार्गदर्शन किया जो कोचिंग नहीं ले पाते थे। इसके अलावा उन्होंने शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण और महिलाओं व बच्चों के लिए रोज़गार से जुड़े कई प्रोजेक्टों का समर्थन किया। उनके शिक्षण तरीके सरल, व्यवस्थित और प्रभावी हैं, जिससे छात्र न केवल जानकारी याद रखते हैं बल्कि अपने सपनों को पूरा करने का आत्मविश्वास भी पाते हैं।
डॉ. गौड़ ने अपने प्लेटफॉर्म EduQuik के माध्यम से 10वीं-12वीं के छात्रों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं और पेशेवरों के लिए संरचित मेमोरी कोर्स तैयार किए हैं। उनका मानना है कि पढ़ाई में सफलता पाने के लिए संसाधनों की कमी कभी बाधा नहीं बननी चाहिए, और सही मार्गदर्शन एवं आत्म-विश्वास के साथ हर छात्र अपनी पूरी क्षमता तक पहुँच सकता है।अटल भारत गौरव सम्मान उन प्रेरणात्मक व्यक्तियों को दिया जाता है जिनके काम राष्ट्र के निर्माण में सार्थक योगदान देते हैं।
जब डॉ. गौड़ से पूछा गया कि उनके लिए यह सम्मान क्या मायने रखता है, तो उन्होंने कहा, “मेरे लिए यह सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है। यह मेरे मिशन का एक प्रतीक है, जो देश के युवाओं को शिक्षित करना, उन्हें सशक्त बनाना है और यह दिखाना है कि देश का हर बच्चा अपने भविष्य और देश के भविष्य को संवार सकता है।

