
मुंबई। उत्तर प्रदेश के गतिशील एमएसएमई और निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र में निवेश को बढ़ावा देने और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से, उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS 2025) के प्रचार अभियान का चौथा चरण महाराष्ट्र में आयोजित किया गया। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS 2025) के तीसरे संस्करण के लिए यह रोड शो भारत की वित्तीय राजधानी मुंबई में वालचंद हीराचंद हॉल, आईएमसी बिल्डिंग, चर्चगेट में संपन्न हुआ।
इस रोड शो के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के MSME, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा एवं वस्त्र मंत्री राकेश सचान रहे। उनके साथ उत्तर प्रदेश सरकार के आयुक्त-उद्योग वी. पांडियन (आईएएस), महाराष्ट्र सरकार के उद्योग विकास आयुक्त दीपेन्द्र सिंह कुशवाह (आईएएस), ईपीसीएच के चेयरमैन डॉ. नीरज खन्ना, महाराष्ट्र चैंबर ऑफ कॉमर्स, इंडस्ट्री एंड एग्रीकल्चर के अध्यक्ष ललित गांधी, बिल्डर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (मुंबई सेंटर) के चेयरमैन जयप्रकाश भाटिया समेत अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
राकेश सचान ने अपने संबोधन में कहा कि UPITS केवल एक ट्रेड शो नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की उद्यमिता की उत्कृष्टता का उत्सव है – जिसकी जड़ें परंपरा में गहराई से जुड़ी हैं, लेकिन दृष्टिकोण वैश्विक है। उन्होंने बताया कि ODOP और पीएम विश्वकर्मा योजना जैसी योजनाओं के तहत उत्तर प्रदेश के कारीगर, एमएसएमई और पारंपरिक क्लस्टर तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं और UPITS 2025 उन्हें वैश्विक मंच प्रदान करता है।
वी. पांडियन (आईएएस) ने अपने मुख्य भाषण में बताया कि UPITS 2025 का आयोजन 25 से 29 सितंबर 2025 को इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में किया जाएगा। इसमें क्यूरेटेड B2B मीटिंग्स, अंतरराष्ट्रीय खरीदार प्रतिनिधिमंडल, विभागीय उत्पाद प्रदर्शन, और वृहद सोर्सिंग मार्केटप्लेस होगा—जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स, वस्त्र, फूड प्रोसेसिंग, ODOP उत्पाद आदि शामिल होंगे। उन्होंने MSME के लिए व्यापार सुगमता और बाजार पहुंच बढ़ाने को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
डॉ. नीरज खन्ना, चेयरमैन, ईपीसीएच ने कहा कि देश के कारीगरों और श्रमिकों द्वारा उत्पादित वस्तुओं के निर्यात को बढ़ावा देना भारत के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।

