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देश विदेश में निकाली गई ‘विश्व शांति यात्रा’ में ‘आंतरिक शांति से विश्व शांति’ का संदेश

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देश विदेश में निकाली गई ‘विश्व शांति यात्रा’ में ‘आंतरिक शांति से विश्व शांति’ का संदेश

मुंबई। शांति, सद्भाव और मानवीय एकता का संदेश लेकर अखिल भारतीय आध्यात्मिक समिति (ABAS) की ओर से ‘विश्व शांति यात्रा 2026’ का आयोजन किया गया। देशभर में 35 से अधिक स्थानों पर आयोजित इस यात्रा में 10 हजार से ज्यादा लोगों ने भागीदारी की। समाज के अलग-अलग वर्गों और पेशों से जुड़े लोगों ने एक साथ आकर शांति, एकता और सामूहिक चेतना का संदेश दिया।

मुंबई के समीप ठाणे में उपवन लेक क्षेत्र में विश्व शांति यात्रा का आयोजन हुआ, जिसमें बच्चों से लेकर बुजुर्गों, विद्यार्थियों, युवाओं, परिवारों और विभिन्न पेशों से जुड़े लोगों के साथ सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों और वेलनेस समुदायों से जुड़े लोग भी इस पहल का हिस्सा बने।
यात्रा का मुख्य विचार ‘आंतरिक शांति से विश्व शांति’ रहा। इसके माध्यम से यह संदेश दिया गया कि दुनिया में स्थायी शांति की शुरुआत व्यक्ति के अपने भीतर से होती है। जब व्यक्ति अपने विचारों और व्यवहार में शांति, करुणा और सकारात्मकता को अपनाता है, तो उसका प्रभाव परिवार, समाज और व्यापक स्तर पर दिखाई देता है।

यात्रा के दौरान शांति पदयात्रा, मानव श्रृंखला, पोस्टर, संवाद और सामूहिक गतिविधियों के माध्यम से लोगों तक शांति का संदेश पहुंचाया गया। इस दौरान ‘आई एम पीस’ यानी ‘मैं शांति हूं’ के संदेश को भी प्रमुखता से आगे बढ़ाया गया। यात्रा का एक प्रमुख आकर्षण प्रेम अवतार मैत्रेय दादाश्री की प्रेरणा और कृपा से विश्व शांति प्रार्थना का शुभारंभ रहा। प्रार्थना के माध्यम से शांति, करुणा और मानवीय एकजुटता का सामूहिक संदेश दिया गया।

अखिल भारतीय आध्यात्मिक समिति के महासचिव मित्र प्रवेश ने कहा कि भारत की पहचान विविधता में एकता की रही है और विश्व शांति यात्रा इसी भावना को आगे बढ़ाने का प्रयास है। जब व्यक्ति अपने भीतर शांति को महसूस करता है और उसे अपने विचारों व व्यवहार में उतारता है, तो इसका सकारात्मक प्रभाव परिवार, समाज और पूरी मानवता तक पहुंच सकता है।

देश के अलग-अलग हिस्सों में हुई भागीदारी ने इस पहल को व्यापक स्वरूप दिया। आयोजकों के अनुसार, भारत में 35 से अधिक स्थानों पर 10 हजार से ज्यादा लोगों ने यात्रा में हिस्सा लिया। वहीं, भारत के बाहर भी 23 से अधिक देशों और 100 शहरों में लोगों की भागीदारी के साथ ‘आई एम पीस’ का संदेश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचा।

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