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मुंबई में ‘खादी महोत्सव-2026’ का आगाज, जेन-जी को स्वदेशी आंदोलन से जोड़ने पर जोर

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12 राज्यों की 77 इकाइयां ले रहीं हिस्सा; खादी उत्पादों पर 20% और ग्रामोद्योग उत्पादों पर 10% की विशेष छूट

मुंबई, 19 अक्टूबर 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ के आह्वान को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से मुंबई के विले पार्ले स्थित खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) मुख्यालय परिसर में ‘खादी महोत्सव-2026’ का आयोजन किया जा रहा है। गुरुवार को केवीआईसी के अध्यक्ष मनोज गोयल ने महोत्सव का उद्घाटन किया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों को आधुनिक जीवनशैली से जोड़ना, युवाओं को स्वदेशी आंदोलन के प्रति प्रोत्साहित करना तथा कारीगरों और ग्रामीण उद्यमियों के लिए नए बाजार उपलब्ध कराना है।

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत आयोजित यह महोत्सव 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। इसमें खादी उत्पादों पर 20 प्रतिशत और ग्रामोद्योग उत्पादों पर 10 प्रतिशत की विशेष छूट दी जा रही है। देश के 12 राज्यों की 77 इकाइयां 77 स्टॉलों के माध्यम से अपने उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री कर रही हैं।

प्रदर्शनी में 36 खादी इकाइयां, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) से जुड़ी 33 इकाइयां तथा ग्रामोद्योग एवं अन्य योजनाओं से संबंधित आठ इकाइयां भाग ले रही हैं। गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और राजस्थान की इकाइयां अपने उत्पादों के साथ महोत्सव में शामिल हुई हैं।

खादी से लेकर हस्तशिल्प तक, स्वदेशी उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला

महोत्सव में खादी वस्त्र, सिल्क खादी, पॉली-खादी, रेडीमेड परिधान, हर्बल उत्पाद, खाद्य पदार्थ, साबुन, अगरबत्ती, मसाले, चमड़े के उत्पाद, कृत्रिम आभूषण, लकड़ी के खिलौने, बैग, फुलकारी, आंवला आधारित उत्पाद और लकड़ी के हस्तशिल्प सहित कई प्रकार के स्वदेशी उत्पाद उपलब्ध हैं। इस पहल के जरिए स्थानीय कारीगरों और छोटे उद्यमियों को अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने का अवसर मिल रहा है।

युवाओं की भागीदारी से खादी को मिलेगी नई पहचान : मनोज गोयल

उद्घाटन के अवसर पर केवीआईसी अध्यक्ष मनोज गोयल ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान खादी को स्वावलंबन और आर्थिक आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनाया था। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वदेशी संबंधी संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि जेन-जी (Gen-Z) की ऊर्जा, रचनात्मकता, तकनीकी समझ और उद्यमशीलता की भावना स्वदेशी आंदोलन को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। ‘हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी’ का संदेश केवल स्वदेशी वस्तुओं की खरीद तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य भारतीय उत्पादों के प्रति गर्व की भावना विकसित करना, स्थानीय उत्पादकों को प्रोत्साहित करना और देश की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत बनाना भी है।

गोयल के अनुसार, आज की युवा पीढ़ी फैशन, डिजाइन, तकनीक और नए विचारों के प्रति सजग है। खादी को आधुनिक डिजाइन, आकर्षक परिधान, बेहतर ब्रांडिंग और समकालीन जीवनशैली से जोड़कर युवाओं के बीच अधिक लोकप्रिय बनाया जा सकता है। खादी की प्राकृतिक पहचान, भारतीय विरासत और टिकाऊ जीवनशैली से जुड़ी विशेषताएं इसे नई पीढ़ी के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बनाती हैं।

उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल स्वदेशी उत्पादों का उपभोक्ता नहीं, बल्कि उनका ब्रांड एंबेसडर, डिजाइनर, डिजिटल प्रमोटर और उद्यमी भी बनना चाहिए। सोशल मीडिया, ई-कॉमर्स, डिजिटल मार्केटिंग और स्टार्टअप के माध्यम से खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों को देश के विभिन्न हिस्सों के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाया जा सकता है।

‘बात खादी की’ पॉडकास्ट से युवाओं को जोड़ने की पहल

युवा पीढ़ी को खादी की विरासत और स्वदेशी आंदोलन से जोड़ने के लिए केवीआईसी ने ‘बात खादी की’ पॉडकास्ट की पहल भी की है। इसके माध्यम से खादी की विरासत, नवाचार, आधुनिक फैशन और युवा उद्यमिता जैसे विषयों पर संवाद को बढ़ावा दिया जाएगा।

इस पहल का उद्देश्य खादी को नई पीढ़ी की पसंद और आधुनिक जीवनशैली के अनुरूप प्रस्तुत करना तथा प्रधानमंत्री के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत@2047’ के दृष्टिकोण को युवाओं तक पहुंचाना है।

‘लोकल टू ग्लोबल’ के लिए आधुनिक डिजाइन और डिजिटल बाजार जरूरी

केवीआईसी अध्यक्ष ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए उत्पादों की गुणवत्ता, आधुनिक डिजाइन, आकर्षक पैकेजिंग, प्रभावी ब्रांडिंग और डिजिटल बाजारों तक पहुंच पर विशेष ध्यान देना होगा।

उन्होंने कहा कि युवा डिजाइनर खादी को नए फैशन से जोड़ सकते हैं, डिजिटल उद्यमी इसके बाजार का विस्तार कर सकते हैं और स्टार्टअप पारंपरिक उत्पादों के लिए नए व्यावसायिक मॉडल विकसित कर सकते हैं। इससे स्थानीय कारीगरों को व्यापक बाजार उपलब्ध होगा और भारतीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित करने के अवसर मिलेंगे।

खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र का कारोबार 1.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक

मीडिया से बातचीत के दौरान मनोज गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों और दूरदर्शी सोच के परिणामस्वरूप खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उनके अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में इस क्षेत्र का कारोबार 1.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा, जबकि इसके माध्यम से 2.04 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हो रहा है।

उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र 2.51 लाख करोड़ रुपये के कारोबार के लक्ष्य को भी हासिल करेगा।

महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर केवीआईसी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी, वित्तीय सलाहकार, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, मुख्य सतर्कता अधिकारी, उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी, वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी, खादी संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा पीएमईजीपी और ग्रामोद्योग विकास से जुड़े कारीगर और उद्यमी उपस्थित रहे।

‘खादी महोत्सव-2026’ के माध्यम से पारंपरिक भारतीय उत्पादों को आधुनिक बाजार से जोड़ने, स्थानीय उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और युवाओं के बीच स्वदेशी के विचार को लोकप्रिय बनाने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है।

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