
वसई, 29 अगस्त 2026: आगामी गणेशोत्सव-2026 की तैयारियों एवं नियोजन तथा वसई-विरार शहर महानगरपालिका क्षेत्र में पर्यावरण अनुकूल गणेशोत्सव मनाने के संबंध में 25 अगस्त 2026 को वसई-विरार शहर महानगरपालिका मुख्यालय में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता महानगरपालिका के महापौर अजीव पाटील ने की। बैठक में जनप्रतिनिधियों, विभिन्न प्रशासनिक विभागों, सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों के पदाधिकारियों तथा मूर्तिकारों ने भाग लिया।
बैठक की शुरुआत में उप-आयुक्त हर्षला राणे ने गणेशोत्सव-2025 के सफल आयोजन की संक्षिप्त जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष महानगरपालिका की ओर से कृत्रिम तालाब, चलित हौद, जेट्टी तथा बंद पत्थर खदानों में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन की व्यवस्था की गई थी। पिछले वर्ष कुल 32,877 गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया, जिसमें से 25,940 प्रतिमाओं यानी लगभग 79 प्रतिशत का विसर्जन महानगरपालिका द्वारा बनाए गए कृत्रिम तालाबों एवं चलित हौदों में किया गया था।
इस वर्ष भी महानगरपालिका की ओर से गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए कृत्रिम तालाब तैयार किए जाएंगे। इसके साथ ही चलित हौद, जेट्टी तथा बंद पत्थर खदानों में भी विसर्जन की व्यवस्था की जाएगी। विसर्जन स्थलों पर प्रतिमा संग्रह केंद्र, आरती स्थल, निर्माल्य कलश, प्रकाश व्यवस्था, चिकित्सा सहायता कक्ष, मंडप व्यवस्था तथा सुरक्षा संबंधी आवश्यक उपाय किए जाएंगे।
कृत्रिम तालाबों में विसर्जन के बाद प्रतिमाओं को निकालकर सुरक्षित रखने के लिए मंडप की व्यवस्था की जाएगी तथा इन प्रतिमाओं को बंद पत्थर खदानों तक ले जाने के लिए वाहनों की व्यवस्था भी की जाएगी।

ऑनलाइन ‘एक खिड़की योजना’ के माध्यम से लेनी होगी अनुमति
इस वर्ष सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों के लिए अनुमति प्राप्त करने हेतु ‘एक खिड़की योजना’ शुरू की जा रही है। मंडलों को विधिवत अनुमति प्राप्त करने के बाद ही मंडप का निर्माण करना होगा। सड़क पर मंडप लगाने के लिए निर्धारित सीमा से अधिक स्थान का उपयोग नहीं किया जाए तथा मंडप निर्माण के लिए सड़क की खुदाई न करने के निर्देश भी दिए गए।
सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों से बड़ी गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन न करते हुए प्रतीकात्मक रूप से लाई गई छोटी प्रतिमाओं का विसर्जन करने की अपील की गई। साथ ही नागरिकों से ‘एक गांव, एक गणपति’ की संकल्पना को अपनाने का आह्वान भी किया गया।
उप-आयुक्त हर्षला राणे ने बताया कि माननीय उच्च न्यायालय एवं राज्य शासन के निर्देशों के अनुसार 6 फीट तक ऊंचाई वाली सभी गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन कृत्रिम तालाबों में किया जाएगा। वहीं 6 फीट से अधिक ऊंचाई वाली प्रतिमाओं का विसर्जन जेट्टी, बंद पत्थर खदानों अथवा प्राकृतिक जलस्रोतों में किया जाएगा।
‘पुनरावर्तन’ संस्था की ओर से पर्यावरण अनुकूल विसर्जन का सुझाव
बैठक में ‘पुनरावर्तन’ संस्था की मनिषा शेठ ने संस्था द्वारा चलाए जा रहे पुनरावर्तन अभियान की जानकारी दी। उन्होंने नागरिकों से शाडू मिट्टी की गणेश प्रतिमा स्थापित करने और घर पर ही उसका विसर्जन करने की अपील की। विसर्जन के बाद बची मिट्टी को सुखाकर पुनः मूर्तिकारों को देने का सुझाव दिया गया। इससे पर्यावरण अनुकूल गणेशोत्सव मनाने में सहायता मिलेगी। इस अभियान में शामिल होने के इच्छुक नागरिकों से संस्था के पदाधिकारियों से संपर्क करने का आग्रह किया गया।
बैठक में भुलेश्वर में हुई दुर्घटना में मृत लोगों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई।
गणेश प्रतिमा के आगमन से पहले सड़कों की मरम्मत के निर्देश
महापौर अजीव पाटील ने कहा कि गणेश प्रतिमाओं के आगमन से पहले ही सड़कों पर बने गड्ढों की मरम्मत का काम पूरा किया जाएगा। विसर्जन स्थलों पर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए हैं। इनमें जेट्टी की ओर जाने वाले मार्ग पर उचित विद्युत व्यवस्था, यातायात बाधित न हो इसके लिए अलग वाहन व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक उपाय शामिल हैं।
महापौर के निर्देश पर बैठक में उपस्थित गणेशोत्सव मंडलों के पदाधिकारियों, मूर्तिकारों एवं नगरसेवकों से सुझाव और शिकायतें भी आमंत्रित की गईं। उपस्थित लोगों ने सड़क मरम्मत, विसर्जन मार्ग पर विद्युत व्यवस्था, विसर्जन प्रक्रिया को तेज एवं सुव्यवस्थित करने, जेट्टी एवं पत्थर खदानों पर क्रेन की व्यवस्था, विसर्जन के नियमों एवं स्थलों की जानकारी देने वाले सूचना फलक लगाने, अस्थायी विद्युत कनेक्शन के लिए जमा सुरक्षा राशि समय पर वापस करने, सड़कों के किनारे खड़े वाहनों को हटाने, वृक्षों की छंटाई तथा आवश्यक स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने जैसे विभिन्न सुझाव दिए।
डीजे से बचें, पारंपरिक वाद्ययंत्रों का करें इस्तेमाल : पुलिस प्रशासन
पुलिस प्रशासन की ओर से पुलिस उपायुक्त अशोक वीरकर ने बताया कि गणेशोत्सव के दौरान प्रत्येक सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल से समय-समय पर संपर्क एवं मुलाकात का नियोजन किया गया है। उन्होंने मंडलों से पुलिस प्रशासन को सहयोग करने की अपील की।
गणेश प्रतिमा विसर्जन एवं शोभायात्राओं के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए विशेष उपाय किए गए हैं। उन्होंने मंडप निर्माण के लिए आवश्यक अनुमति लेने, वर्गणी (चंदा) के नाम पर किसी भी अनुचित गतिविधि से बचने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।
ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए डीजे का उपयोग नहीं करने तथा शोभायात्रा में पारंपरिक वाद्ययंत्रों का उपयोग करने की सलाह दी गई। मंडलों से यह भी कहा गया कि शोभायात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो, इसका विशेष ध्यान रखें।
गणेशोत्सव के दौरान लगाए जाने वाले झांकियों एवं बैनरों से किसी की धार्मिक भावनाएं आहत न हों, इसका ध्यान रखने तथा सामग्री की जांच कर आवश्यक अनुमति लेने के बाद ही झांकी या बैनर लगाने के निर्देश दिए गए।
विसर्जन शोभायात्रा निर्धारित समय पर विसर्जन स्थल तक पहुंचे, इसका भी ध्यान रखने को कहा गया। सोशल मीडिया पर कोई आपत्तिजनक वीडियो या पोस्ट प्राप्त होने पर इसकी सूचना तत्काल पुलिस प्रशासन को देने तथा किसी भी व्यक्ति द्वारा कानून अपने हाथ में न लेने की अपील की गई।
महावितरण ने विद्युत सुरक्षा को लेकर दिए निर्देश
महावितरण विभाग की ओर से श्री लेले ने सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों को विद्युत सुरक्षा से संबंधित विभिन्न निर्देश दिए। मंडप की निर्धारित ऊंचाई सीमा का पालन करने, शोभायात्रा में उपयोग किए जाने वाले झंडों में लकड़ी की डंडियों का इस्तेमाल करने तथा मंडप में विद्युत तार खुले न रखने के निर्देश दिए गए।
साथ ही विद्युत कनेक्शन में RCCB/ELCB लगाने की सलाह दी गई। मंडप के लिए विद्युत कनेक्शन लेते समय मंडलों को आवश्यक दस्तावेजों के साथ जिस व्यक्ति के नाम पर कनेक्शन लिया जाना है, उसके बैंक खाते का विवरण/कैंसल चेक तथा मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने को कहा गया, ताकि जमा की गई सुरक्षा राशि (डिपॉजिट) उचित समय पर वापस की जा सके।
नियमों का पालन करते हुए पर्यावरण अनुकूल गणेशोत्सव मनाएं : मनोज पाटील
बैठक में विपक्ष के नेता मनोज पाटील ने गणेशोत्सव मनाते समय न्यायालय एवं शासन द्वारा जारी नियमों का पालन करने के साथ-साथ पर्यावरण अनुकूल एवं सुरक्षित गणेशोत्सव मनाने की अपील की। उन्होंने इस कार्य में प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने की बात कही।
प्रशासन की ओर से सभी आवश्यक उपाय किए जाएंगे : आयुक्त पृथ्वीराज बी.पी.
महानगरपालिका आयुक्त पृथ्वीराज बी.पी. (भा.प्र.से.) ने कहा कि महानगरपालिका क्षेत्र में गणेशोत्सव के संबंध में आवश्यक उपायों को लेकर पहले ही विभिन्न सरकारी विभागों के साथ बैठक कर उन्हें आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं। इस बैठक में प्राप्त सुझावों को भी दर्ज किया गया है और उनके अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि गणेश प्रतिमाओं के आगमन एवं विसर्जन को सुगम बनाने के लिए बारिश के कारण सड़कों पर बने गड्ढों को भरने का काम महानगरपालिका द्वारा युद्धस्तर पर किया जा रहा है। प्राप्त सुझावों के अनुसार तालाबों में कृत्रिम तालाब तैयार करने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है। सड़कों पर फेरीवालों के संबंध में आवश्यक कार्रवाई जारी रहेगी।
आयुक्त ने कहा कि पर्यावरण अनुकूल गणेशोत्सव के लिए जनजागरूकता अभियान बड़े स्तर पर चलाया जाएगा और महानगरपालिका विभिन्न माध्यमों से इसका प्रचार-प्रसार करेगी। विसर्जन स्थलों पर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, लेकिन पर्यावरण अनुकूल गणेशोत्सव के लिए नागरिकों का सहयोग भी उतना ही आवश्यक है।
आयुक्त ने उच्च न्यायालय एवं राज्य शासन के निर्देशों के अनुसार 6 फीट तक ऊंची प्रतिमाओं का विसर्जन कृत्रिम तालाबों में तथा 6 फीट से अधिक ऊंची प्रतिमाओं का विसर्जन जेट्टी अथवा बंद पत्थर खदानों में करने की अपील की। उन्होंने नागरिकों से इन निर्देशों का पूरी तरह पालन करने का आग्रह किया, ताकि विसर्जन व्यवस्था में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों से भी विधिवत अनुमति लेकर एवं सभी नियमों का पालन करते हुए मंडप निर्माण करने, विसर्जन के समय का पालन करने तथा विज्ञापन फलक लगाने से पहले आवश्यक अनुमति लेने का आह्वान किया गया। आयुक्त ने प्रशासन द्वारा निर्धारित सभी नियमों का पालन कर प्रशासन को सहयोग करने की अपील की।
गणेशोत्सव के बाद भी समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी : महापौर
महापौर अजीव पाटील ने कहा कि पर्यावरण अनुकूल गणेशोत्सव के लिए प्रशासन की ओर से आवश्यक सभी उपाय किए जाएंगे। उन्होंने नागरिकों एवं गणेशोत्सव मंडलों से किसी भी प्रकार की समस्या होने पर प्रशासन के साथ-साथ संबंधित नगरसेवकों से भी संपर्क करने की अपील की।
उन्होंने सुझाव दिया कि गणेशोत्सव के दौरान सामने आने वाली समस्याओं एवं अनुभवों को दर्ज किया जाए। गणेशोत्सव समाप्त होने के बाद इस संबंध में एक समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि प्राप्त अनुभवों के आधार पर आगामी गणेशोत्सव में आवश्यक सावधानियां एवं सुधार किए जा सकें।
बैठक के अंत में नगरसचिव विश्वनाथ तळेकर ने सभी उपस्थितों का आभार व्यक्त किया तथा महापौर की अनुमति से बैठक समाप्त होने की घोषणा की।
बैठक में महापौर अजीव पाटील, उप-महापौर मार्शल लोपीस, आयुक्त पृथ्वीराज बी.पी. (भा.प्र.से.), सभागृह नेता प्रफुल्ल साने, विपक्ष के नेता मनोज पाटील, नगरसेवक-नगरसेविकाएं, अतिरिक्त आयुक्त संजय हेरवाडे, अतिरिक्त आयुक्त दीपक सावंत, पुलिस उपायुक्त शशिकांत बोराटे, पुलिस उपायुक्त अशोक वीरकर, उप-विभागीय अधिकारी शेखर घाडगे, महानगरपालिका के पूर्व नगरसेवक, पुलिस विभाग एवं महावितरण विभाग के अधिकारी, विभिन्न सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों के पदाधिकारी, मूर्तिकार तथा महानगरपालिका के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

