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अब मेरे शरीर में कुछ भी कृत्रिम नहीं है—सब कुछ नैचुरल है और मेरा अपना है : अभिनेत्री शर्लिन चोपड़ा

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अभिनेत्री शर्लिन चोपड़ा ने ब्रेस्ट इम्प्लांट हटाने के फैसले पर खुलकर बात की और युवतियों से की खास अपील

मुंबई। बॉलीवुड एक्ट्रेस और मॉडल शर्लिन चोपड़ा एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह है उनका साहसिक फैसला—अपने 825 ग्राम वजनी सिलिकॉन ब्रेस्ट इम्प्लांट को हटाना। इसके लिए उन्होंने मुंबई के कंट्री क्लब में एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर मीडिया के सामने खुलकर अपनी बात रखी।

शर्लिन ने बताया कि इम्प्लांट्स की वजह से उन्हें लंबे समय से पीठ, सीने, गर्दन और कंधों में लगातार दर्द हो रहा था। उन्होंने कहा, “825 ग्राम सिलिकॉन लेकर चलना मेरे लिए बेहद मुश्किल हो गया था। ऐसा लगता था जैसे सीने पर कोई पहाड़ रखा हो। यह कदम बोल्ड था, लेकिन ज़रूरी भी।”
कई डॉक्टरों से सलाह लेने के बाद मैंने इम्प्लांट हटाने का निर्णय लिया।

शर्लिन चोपड़ा ने आगे बताया कि अब यह भारी बोझ मेरे शरीर से उतर चुका है। हर इम्प्लांट 825 ग्राम का था। उन्हें हटाने के बाद मैं खुद को बेहद हल्का और आज़ाद महसूस कर रही हूँ। सबसे राहत की बात यह है कि अब मेरे शरीर में कुछ भी कृत्रिम नहीं है—सब कुछ नैचुरल है और मेरा अपना है। मैं ईश्वर और अपने प्रशंसकों की आभारी हूँ।”

शर्लिन चोपड़ा ने खास तौर पर युवा लड़कियों को संदेश देते हुए कहा कि दूसरों के कहने, सोशल मीडिया या समाज के दबाव में आकर अपने शरीर के साथ छेड़छाड़ न करें। किसी भी चीज़ का निर्णय जल्दबाजी में न लें। फायदे के साथ नुकसान को भी समझें, दुष्प्रभावों के बारे में जानें और अपने परिवार, दोस्तों व मेडिकल एक्सपर्ट्स से सलाह लिए बिना कोई कदम न उठाएँ। भीड़ का हिस्सा मत बनो—अपनी वास्तविकता की रक्षा करो।”

उन्होंने आगे कहा कि यह सिर्फ खूबसूरती का मामला नहीं, बल्कि एक बड़ा सर्जिकल प्रोसेस है जिसमें जोखिम शामिल होते हैं।
“मैं विज्ञान के खिलाफ नहीं हूँ, पर केवल किसी और को देखकर कुछ भी मत कर लो। सोशल मीडिया की चमक पर आँख बंद करके भरोसा न करें। आपकी नैचुरल खूबसूरती ही आपकी सच्ची ताकत है।”

यह उल्लेखनीय है कि ब्रेस्ट इम्प्लांट एक सर्जिकल प्रक्रिया है, जिसमें सिलिकॉन का उपयोग कर स्तनों के आकार और शेप को बढ़ाया जाता है।

शर्लिन के फैंस भी उनके इस फैसले की सराहना कर रहे हैं और कह रहे हैं,“आखिरकार आपको एहसास हुआ कि आपको किसी बदलाव की ज़रूरत नहीं थी। आप जैसी थीं, वैसी ही खूबसूरत हैं।

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