“सृष्टि फाउंडेशन और बज़्मे हसन द्वारा आयोजित “एक शाम पंकज झा के नाम “में आईएएस निधि चौधरी ,अध्यक्ष बिपिन गुप्ता,आईआरएस असलम हसन ने किया एक्टर पंकज झा जी को किया सम्मानित

मुंबई : मुंबई के नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट में काव्यांजलि का अविस्मरणीय आयोजन “ सृष्टि फाउंडेशन द्वारा नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट मुंबई में आयोजित “अज्ञात से ज्ञात की ओर” नामक काव्यांजलि कार्यक्रम ने श्रोताओं को भावनाओं की गहराई में डुबो दिया।
कविता और ध्यान के अद्भुत संगम की शुरुआत पंकज झा (जिन्हें पॉपुलर वेब सीरीज “पंचायत” में “विधायक जी” के किरदार से जाना जाता है) के सम्मान से हुई। उन्होंने पहले दर्शकों को ध्यान साधना कराई फिर अपनी अविस्मरणीय रचनाओं से मंच सजाया। इसके अलावा, “पंचायत” सीरीज के संदर्भ में विधायक जी के रूप में पंकज झा जी ने श्रोताओं के कई प्रश्नों का उत्तर कविताओं के माध्यम से देकर मंत्रमुग्ध कर दिया। कस्टम कमिश्नर असलम हसन जी (आईआरएस) और आईएएस निधि चौधरी जी ने भी अपनी संवेदनशील रचनाएं सुनाईं, जो सामाजिक मुद्दों और व्यक्तिगत चिंतन पर आधारित थीं। इन रचनाओं ने उपस्थित जनसमुदाय को गहन भावुकता से भर दिया। इसके बाद का क्षण सबसे यादगार रहा—पंकज झा जी ने लगभग 15-20 मिनट का ध्यान सत्र आयोजित किया। ध्यान साधना की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित करते हुए उन्होंने अपनी सरल ध्यान विधि से सभी को ऊर्जावान बना दिया। श्रोताओं ने बताया कि यह सत्र न केवल शांतिदायी और नव चैतन्यता से परिपूर्ण था, बल्कि दैनिक जीवन में mindfulness को अपनाने की प्रेरणा भी प्रदान करने वाला साबित हुआ। एक प्रतिभागी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, “यह शाम केवल कविता की नहीं, बल्कि आत्म-चिंतन की भी थी।”
समाजसेवकों के अभिनंदन कार्यक्रम का एक अन्य महत्वपूर्ण हिस्सा मंच पर अतिथियों का स्वागत और सम्मान था । प्रसिद्ध कवि व लेखक रवि यादव के कुशल संचालन में सृष्टि फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं युवा ओजस्वी कवि बिपिन गुप्ता और निहारिका मिश्रा की उपस्थिति ने आयोजन को और समृद्ध किया।
मंच पर सम्मानित अतिथियों में शामिल थे: – रेलवे जीआरपी के पुलिस महानिदेशक प्रशांत बुर्डे जी – इनकम टैक्स कमिश्नर लियाकत अली जी ,आईपीएस विनीता साहू – सुप्रसिद्ध समाजसेवी गणपत कोठारी जी – एसपी आहूजा जी ,प्रसिद्ध हड्डी विशेषज्ञ डॉ एम एल सर्राफ, डॉ कपिल सालगिया ।
इन अतिथियों को उनके सामाजिक योगदान के लिए स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। यह क्षण न केवल व्यक्तिगत सम्मान का प्रतीक था बल्कि सेवा और कला साहित्य संस्कृति के मेल का भी उत्सव था
इस कार्यक्रम का आयोजन , सृष्टि फाउंडेशन, जो अपनी साहित्यिक सांस्कृतिक सामाजिक पहलों के लिए जाना जाता है, एमजीए मुंबई के साथ मिलकर किया।

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