
नई दिल्ली : भारत के सर्वोच्च न्यायालय को दो नए न्यायाधीश मिल गए हैं। न्यायमूर्ति आलोक अराधे और न्यायमूर्ति विपुल मनुभाई पंचोली ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में शपथ ली। इनके शामिल होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की कुल संख्या 34 हो गई है।
दोनों ही न्यायाधीश अपने-अपने क्षेत्र में गहरी कानूनी विशेषज्ञता और लंबे अनुभव के लिए जाने जाते हैं। न्यायमूर्ति अराधे ने मध्य प्रदेश से लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट तक अपनी सेवाएं दीं, वहीं न्यायमूर्ति पंचोली का कार्यकाल गुजरात और पटना हाईकोर्ट में उल्लेखनीय रहा। आइए जानते हैं दोनों के न्यायिक सफर के बारे में विस्तार से।
रायपुर के रहने वाले हैं न्यायमूर्ति आलोक अराधे
न्यायमूर्ति आलोक अराधे (Justice Alok Aradhe biography) का जन्म 13 अप्रैल 1964 को रायपुर में हुआ था। उन्होंने बीएससी और एलएलबी की डिग्री हासिल करने के बाद 12 जुलाई 1988 को अधिवक्ता के रूप में अपना पंजीकरण कराया। करियर की शुरुआत उन्होंने जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय से की, जहां उन्होंने सिविल, संवैधानिक, मध्यस्थता और कंपनी कानून जैसे मामलों पर विशेष ध्यान दिया। उनकी विशेषज्ञता को देखते हुए अप्रैल 2007 में उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया गया।
कई राज्यों के हाईकोर्ट में जज रहे हैं न्यायमूर्ति आलोक अराधे
29 दिसंबर 2009 को उन्हें मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया और 15 फरवरी 2011 को वे स्थायी न्यायाधीश बने। इसके बाद उनका न्यायिक सफर कई राज्यों में फैला। 2016 में वे जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट में स्थानांतरित हुए और 2018 में वहां कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बने। इसी दौरान उन्होंने राज्य न्यायिक अकादमी और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की जिम्मेदारी भी संभाली।
17 नवंबर 2018 को उनका स्थानांतरण कर्नाटक उच्च न्यायालय में हुआ, जहां 2022 से वे कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यरत रहे। जुलाई 2023 में उन्हें तेलंगाना उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया और जनवरी 2025 में उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। 25 अगस्त 2025 को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उनकी नियुक्ति की सिफारिश की, जिसे केंद्र सरकार और राष्ट्रपति ने मंजूरी दे दी।
गुजरात के रहने वाले हैं न्यायमूर्ति विपुल मनुभाई पंचोली
न्यायमूर्ति विपुल मनुभाई पंचोली (Justice Vipul Manubhai Pancholi profile) का जन्म 28 मई 1968 को अहमदाबाद, गुजरात में हुआ। उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, अहमदाबाद से इलेक्ट्रॉनिक्स में बीएससी किया और फिर गुजरात विश्वविद्यालय के सर एलए शाह लॉ कॉलेज से वाणिज्यिक कानून में एलएलएम की डिग्री हासिल की।
पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं पंचोली
वकालत के शुरुआती दिनों से ही पंचोली ने संवैधानिक और वाणिज्यिक कानून के मामलों में गहरी पकड़ बनाई। उन्होंने गुजरात हाईकोर्ट में वकालत की और बाद में न्यायिक नियुक्ति पाई। अपनी निष्पक्ष और संतुलित न्यायिक शैली के कारण वे जल्द ही चर्चित हो गए। उन्हें पटना हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया, जहां उनके कार्यकाल को कई महत्वपूर्ण फैसलों और न्यायिक सुधारों के लिए याद किया जाता है।


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