
कंपनी के प्रॉफिट में हिस्सेदार बनते हैं कर्मचारी
मुंबई। जिस उद्योग को आमतौर पर ताकत और भारी मशीनों से जोड़ा जाता है, वहां लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी लिमिटेड यह साबित कर रही है कि असली शक्ति लोगों में होती है। भारत की अग्रणी माइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में शामिल लॉयड्स मेटल्स अब न केवल इस्पात उद्योग का भविष्य गढ़ रही है, बल्कि एक आदर्श नियोक्ता (Employer of Choice) बनने की दिशा में भी मिसाल कायम कर रही है।
कंपनी के ग्रुप सीएचआरओ, वेंकटेशन आर. कहते हैं कि हम यहां फ्लैट स्ट्रक्चर में काम करते हैं, जहां हर स्तर का कर्मचारी पहल कर सकता है, समस्याओं का समाधान कर सकता है और नेतृत्व कर सकता है।”
लॉयड्स मेटल्स ने अपने कर्मचारियों के लिए एक बेहतरीन ईएसओपी (Employee Stock Ownership Plan) योजना बनाई है, जिसमें व्हाइट कॉलर से लेकर शॉपफ्लोर वर्कर्स तक को कंपनी में हिस्सेदारी दी जाती है। अब तक 2700 से अधिक कर्मचारी इस योजना का लाभ उठा चुके हैं, जिनमें 1700 अधिकारी और 1000 से अधिक फैक्ट्री कर्मचारी शामिल हैं। ईएसओपी का मूल्य सिर्फ ₹4 प्रति शेयर रखा गया है, जिससे कर्मचारियों को कंपनी के मुनाफे में प्रत्यक्ष हिस्सा मिलता है। अब तक कंपनी ने कर्मचारियों को 1.43 करोड़ से अधिक शेयर दे दिए हैं।
लॉयड्स मेटल्स अपने कामकाज के इलाकों में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देती है। खास बात यह है कि कंपनी HEMM (Heavy Earth Moving Machinery) जैसे क्षेत्रों में महिलाओं को भी प्रशिक्षण और अवसर दे रही है। यह कदम न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देता है, बल्कि नए और विविध प्रतिभाओं को भी आगे लाता है।
कंपनी में एचआर केवल भर्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विकास का रणनीतिक साझेदार है। “अगर आप सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि बदलाव का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो लॉयड्स मेटल्स आपके लिए एक बेहतर मंच है,” सीएचआरओ वेंकटेशन आर. कहते हैं। यहाँ कर्मचारियों को कंपनी के लीडर्स और प्रमोटर्स से सीधे जुड़ने का मौका मिलता है।
लॉयड्स मेटल्स भविष्य के लीडर्स, इंजीनियर्स, टेक्नोलॉजिस्ट और चेंजमेकर्स को भी तैयार कर रही है। भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बदलाव लाने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए, लॉयड्स मेटल्स सिर्फ नौकरी नहीं देती बल्कि एक हिस्सेदारी और भारत की औद्योगिक सफलता की कहानी का हिस्सा बनने का मौका देती है।

14 comments