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जसलोक अस्पताल और एंजाइनाX एआई ने महाराष्ट्र का पहला एआई-आधारित हृदय रोग रोकथाम मॉडल किया लॉन्च

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लक्षण प्रकट होने से पहले ही सिर्फ 5 मिनट में हृदय रोग की पहचान करने की दिशा में अग्रणी कदम

मुंबई। भारत में मृत्यु का प्रमुख कारण बन चुके हृदय रोग से निपटने के लिए एक ऐतिहासिक पहल के तहत, जसलोक अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर ने भारत के पहले एआई-आधारित डॉक्टर असिस्टेंट एंजाइनाX एआई के साथ साझेदारी की है। इस साझेदारी के तहत, महाराष्ट्र का पहला एआई-सक्षम हृदय रोग रोकथाम मॉडल लॉन्च किया गया है।

यह सहयोग भारत की कार्डियोलॉजी प्रणाली को “देरी से इलाज” की जगह “समय पर रोकथाम” की दिशा में ले जाने में मील का पत्थर साबित हो रहा है। अब जसलोक के आउट पेशेंट विभागों (ओपीडी) में एंजाइनाX AI तकनीक सक्रिय है, जो डॉक्टरों को कुछ ही सेकंडों में हृदय रोग का जोखिम आंकने की क्षमता देती है, वह भी लक्षणों के प्रकट होने से पहले। यह सिस्टम वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित रिपोर्ट देता है और प्रत्येक रोगी के लिए व्यक्तिगत जीवनशैली और उपचार योजनाएं सुझाता है।

हृदय रोग लाखों भारतीयों को प्रभावित करता है और अक्सर देर से पहचाना जाता है, जिससे इलाज मुश्किल हो जाता है। जसलोक अस्पताल और एंजाइनाX AI का यह मॉडल रोकथाम को तेज़, स्पष्ट और सुलभ बनाता है, ठीक उसी बिंदु से जहां रोगी सबसे पहले डॉक्टर से संपर्क करता है: यानी ओपीडी से।

पद्म भूषण से सम्मानित और जसलोक अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के निदेशक, डॉ. अश्विन बी. मेहता ने कहा कि दशकों से, कार्डियोलॉजी ने क्षति नियंत्रण पर ध्यान केंद्रित किया है। लेकिन अब एडवांस्ड एआई की मदद से हम क्षति शुरू होने से पहले ही खतरे का आकलन कर सकते हैं। यह मॉडल केवल नवाचार नहीं है पर इलाज की समयरेखा को पुनर्परिभाषित कर रहा है।

एंजाइनाX सिस्टम 20 से भी अधिक महत्वपूर्ण क्लीनिकल और जीवनशैली से जुड़े संकेतकों का मूल्यांकन करती है, जिसमें विस्तारित लिपिड प्रोफाइल, ब्लड शुगर, सूजन संबंधी बायोमार्कर, मेटाबोलिक जटिलताएं, पारिवारिक इतिहास और जीवनशैली पैटर्न शामिल हैं। यह प्रणाली प्रमाणित भारतीय डेटा पर आधारित एक संरचित रिपोर्ट तैयार करती है जिसमें व्यक्तिगत जोखिम का मूल्यांकन, रोगी-विशिष्ट जांच सिफारिशें और स्पष्ट, क्रियाशील उपचार एवं फॉलोअप मार्गदर्शन शामिल होता है।

डॉ. अजीत देसाई (वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट, जसलोक अस्पताल) ने कहा, “एंजाइनाX AI सिस्टम हमें एक मिनट से भी कम समय में क्लीनिकल स्पष्टता देता है और यह विशेषकर अधिक भीड़ वाले ओपीडी में बेहद मूल्यवान है। अब हम अधिक मरीजों से मिल पा रहे हैं, चुपचाप पनपते जोखिमों को जल्द पहचान पा रहे हैं, और पहले लक्षण आने से पहले ही उन्हें कार्यवाही करने का मार्ग दिखा पा रहे हैं।”

जसलोक और एंजाइनाX ने यह सुनिश्चित किया है कि यह कार्यक्रम तेज़, सुलभ और किफायती हो, जिससे रोकथाम एक सामान्य प्रक्रिया बने, कोई दुर्लभ सेवा नहीं।

जसलोक अस्पताल महाराष्ट्र में एआई-आधारित रोकथाम आंदोलन का नेतृत्व कर रहा है।

जसलोक अस्पताल के सीईओ जितेन्द्र हरयाण ने कहा कि यह केवल डिजिटल परिवर्तन नहीं है, यह चिकित्सा की समयबद्धता है। हमारा अस्पताल भारत की हेल्थकेयर प्रणाली में इस बदलाव का नेतृत्व कर गर्व महसूस करता है। जब टेक्नोलॉजी और चिकित्सा एक साथ आते हैं, तब जानें समय रहते बचाई जा सकती हैं।

जसलोक अस्पताल डॉ. अश्विन बी. मेहता के नेतृत्व में इस एआई-सक्षम कार्यक्रम “Dil Fit, Life Hit” को लॉन्च कर रहा है, जो कार्डियक रोकथाम को रोज़मर्रा के क्लीनिकल केयर में शामिल करता है। यह कार्यक्रम डॉक्टरों को सशक्त बनाता है, ओपीडी प्रथाओं को बदलता है और रोकथाम को हर मरीज के लिए सुलभ बनाता है, सिर्फ उनके लिए नहीं जिनमें पहले से लक्षण मौजूद हों।

एंजाइनाX AI के संस्थापक नमन गोसालिया ने कहा कि हमने एक ऐसा अत्याधुनिक एआई मेडिकल सिस्टम बनाया है जो किसी भी अस्पताल या क्लिनिक में सहजता से फिट हो सकता है। यह डॉक्टरों को सटीक जोखिम मूल्यांकन और व्यक्तिगत उपचार सिफारिशों के ज़रिये हृदय रोग की प्रगति को रोकने में मदद करता है। हमारा मिशन है कि प्राथमिक रोकथाम को हर क्लिनिक, हर अस्पताल और भारत के हर कोने तक पहुंचाया जाए, वह भी बिना डॉक्टरों की दिनचर्या बाधित किए। उन्होंने कहा, “इस मॉडल का KPI बहुत आसान था: क्या यह मेरी अपनी माँ पर काम कर सकता है? हमने स्पष्ट निर्णय लिया कि हम इसे तभी जारी करेंगे जब यह उन पर काम करेगा। पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले हमने इसे अपनी माँ पर आज़माया। यह परीक्षण सफल रहा और इसने हमें आगे बढ़ने का दृढ़ विश्वास दिलाया।
उन्होनें आगे कहा कि जसलोक में इसकी शुरुआत और उनके नेतृत्व में महाराष्ट्र में इसे सबसे पहले कार्यान्वित होना इस साझा विश्वास को दर्शाता है कि लोग बेहतर नतीजों के हकदार हैं, और रोकथाम के साथ डर या आर्थिक बोझ नहीं आना चाहिए। यह साझेदारी हमें मरीज़ों को प्राथमिकता देने और इस मिशन को पूरे भारत में आगे बढ़ाने में मदद करती है।

जसलोक अस्पताल में एआई आधारित स्क्रीनिंग शुरू हो चुकी है। डॉक्टर अब तेज़ी से निर्णय ले पा रहे हैं, विशेष रूप से उन मरीजों के लिए जो बिना लक्षणों के गंभीर स्थिति तक पहुंच सकते थे।

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