महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री ने उपमुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता प्रकोष्ठ का उद्घाटन किया

प्रतीक गुप्ता (उप संपादक)
मुंबई : मुख्यमंत्री मेडिकल सहायता कक्ष के सफल प्रदर्शन के बाद अब उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के ओएसडी मंगेश चिवटे को उपमुख्यमंत्री मेडिकल सहायता कक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कल इस चैम्बर के कार्यालय का आधिकारिक उद्घाटन मुम्बई स्थित मंत्रालय में बड़े उत्साह के साथ किया गया।
नए कार्यालय का उद्घाटन महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाशजी अबितकर और विधि एवं न्याय राज्य मंत्री आशीषजी जायसवाल ने किया। समारोह में विभिन्न गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इस प्रकोष्ठ का उद्देश्य राज्य के नागरिकों को समय पर, शीघ्र और प्रभावी तरीके से आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है।
यह कार्यालय उपमुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता प्रकोष्ठ की नई शुरुआत के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है और यह केंद्र लोगों की स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए एक प्रभावी साधन होगा। यह उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की संवेदनशीलता का एक बड़ा उदाहरण है।
उपमुख्यमंत्री की संवेदनशीलता का प्रमाण

तीन दिन पहले, सतारा जिले के वाई की मोनाली अक्षय चव्हाण नामक एक माँ के 3 साल के बच्चे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो में एक मां अपनी जीविका चलाने के लिए अपने बच्चे को रस्सी से चट्टान से बांधती नजर आ रही है। जैसे ही यह मामला उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के संज्ञान में आया, उन्होंने तुरंत जांच कराई। तब पता चला कि यह छोटा लड़का जन्म से ही बहरा और गूंगा था।

उपमुख्यमंत्री ने तुरंत मंगेश चिवटे को बच्चे के इलाज का पूरा खर्च वहन करने का आदेश दिया। तदनुसार, आज लड़के के माता-पिता ठाणे स्थित शिवसेना चिकित्सा सहायता प्रकोष्ठ कार्यालय आए और चिकित्सा सहायता प्राप्त की। उपमुख्यमंत्री के नेतृत्व में इस छोटी बच्ची के इलाज के लिए हर संभव सहायता उपलब्ध कराई गई है।

