Health

कैंसर विशेषज्ञ डॉ.ज्योति बाजपेयी ने अपोलो कैंसर सेंटर किया ज्वाइन

Image default
Spread the love

ऑन्कोलॉजी में 19 वर्षों से अधिक अनुभव और 15 वर्षों से अधिक समय तक टाटा मेमोरियल कैंसर सेंटर से जुड़ी रही हैं

मुंबई। अपोलो हॉस्पिटल्स नवी मुंबई ने आज घोषणा की कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विख्यात सीनियर ऑन्कोलॉजिस्ट, डॉ. ज्योति बाजपेयी ने कैंसर के खिलाफ संघर्ष में अपने प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए लीड-मेडिकल एंड प्रिसिजन ऑन्कोलॉजी (मुंबई और महाराष्ट्र क्षेत्र) के रूप में अपोलो कैंसर सेंटर में ज्वाइन किया है। डॉ. बाजपेयी इम्यूनो-ऑन्कोलॉजी, प्रिसिजन मेडिसिन, दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण कैंसरों (सारकोमा, गर्भावस्था से संबंधित कैंसर, किशोरों और युवा वयस्क संबंधित कैंसर, एलजीबीटीक्यू+ कैंसर, वृद्धावस्था कैंसर) और महिलाओं के कैंसर (ब्रेस्ट और गायनेकोलॉजिकल) के क्षेत्र में अपने कार्यों के लिए विख्यात चिकित्सक हैं।

कैंसर के क्षेत्र में उनका 19 वर्षों से अधिक का अनुभव है, जिसमें टाटा मेमोरियल सेंटर, मुंबई में प्रोफेसर और ब्रेस्ट डीएमजी कन्वीनर के रूप में 15 वर्षों का अनुभव शामिल है। न्यूयॉर्क, यूएसए में प्रतिष्ठित मेमोरियल स्लोअन केटरिंग कैंसर सेंटर (एमएसकेसीसी) से इम्यूनो-ऑन्कोलॉजी और मेलानोमा में विशेष प्रशिक्षण और बाल्टीमोर, यूएसए में जॉन्स हॉपकिंस में प्रतिष्ठित सिडनी किमेल कॉम्प्रिहेंसिव कैंसर सेंटर से बोन और सॉफ्ट टिशू सार्कोमा में व्यापक अनुभव के साथ, डॉ. बाजपेयी को काफी अनुभव आधारित विशेषज्ञता प्राप्त है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने दिल्ली के प्रतिष्ठित ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एआईआईएमएस) से प्रशिक्षण लिया है और ईएसएमओ लीडरशिप ग्रेजुएट हैं।

डॉ. ज्योति बाजपेयी ने कहा कि अपोलो कैंसर सेंटर से जुड़ना मेरे लिए बड़ी प्रसन्नता की बात है, जो कि वैश्विक स्तर पर सर्वश्रेष्ठ संस्थानों के समकक्ष सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रसिद्ध है। प्रोटॉन बीम थेरेपी, ब्रेन ट्यूमर के लिए ZAP-X थेरेपी और ट्यूमर बोर्ड आधारित उपचार प्रोटोकॉल जैसी उन्नत सुविधाएं हमारे रोगियों को सर्वोत्तम देखभाल प्रदान करने में मुझे सक्षम बनाएंगी। अपने प्रशिक्षण और अनुभव के साथ, मैं अपोलो कैंसर सेंटर में कार्यक्रम को और अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रेरित हूं।

यूरोपियन सोसाइटी ऑफ मेडिकल ऑन्कोलॉजी (ईएसएमओ) लीडर्स जनरेशन प्रोग्राम से ग्रेजुएट, डॉ. ज्योति बाजपेयी ईएसएमओ-डब्ल्यू 40 (वूमेन इन ऑन्कोलॉजी) की कोर कमेटी की वर्तमान सदस्या हैं। डॉ. बाजपेयी ने प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय यूरोपियन सोसाइटी ऑफ मेडिकल ऑन्कोलॉजी (ईएसएमओ) और सोसाइटी फॉर इम्यूनोथेरेपी ऑफ कैंसर (एसआईटीसी) और सार्कोमा के लिए एडवांस ब्रेस्ट कैंसर (एबीसी) दिशानिर्देशों, गायनेकोलॉजिकल कैंसर और ब्रेस्ट कैंसर की इम्यूनोथेरेपी के विकास में भी योगदान दिया है। उनके अनुसंधान कार्य उनके मुख्य रुचि वाले क्षेत्रों में विस्तृत हैं जिनमें सार्कोमा जैसे दुर्लभ कैंसर, गर्भावस्था से संबंधित कैंसर, ब्रेस्ट और गायनेकोलॉजिकल कैंसर, इम्यूनो-ऑन्कोलॉजी और प्रेसिजन ऑन्कोलॉजी शामिल हैं और जो अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय प्रकाशनों में प्रकाशित हुए हैं।

Related posts

आयुष्मान कार्ड में आयुर्वेद इलाज को भी शामिल किया जाए : आयुर्वेद गुरु आचार्य मनीष

hindustanprahari

वेदिस्ट्री ने हेल्थ और वेलनेस के लिए विशेषज्ञों के साथ समग्र जागरूकता कार्यक्रम का किया आयोजन

hindustanprahari

Smartphone Separation Anxiety: Scientists Explain Why You Feel Bad

hindustanprahari

Leave a Comment